Top Summer Crops 2026 : मार्च और अप्रैल के महीने किसानों के लिए खास होते हैं। गेहूँ, सरसों या चना जैसी रबी फसलों की कटाई खत्म होते ही खेत खाली हो जाते हैं। ऐसे में कई किसान भाई सोचते हैं कि अब क्या करें? लेकिन ये खाली खेत असल में कमाई का नया दरवाजा खोलते हैं। अगर आप कम मेहनत, कम पानी और तेजी से तैयार होने वाली फसल चाहते हैं, तो सही चुनाव से 60-70 दिनों में अच्छी कमाई हो सकती है।
इस लेख में हम बताएंगे कि गेहूँ कटाई के बाद खाली खेत में कौन-सी फसलें लगाएं, कैसे लगाएं और कितना फायदा हो सकता है। ये जानकारी व्यावहारिक है, जिससे आप मिट्टी की सेहत भी सुधार सकें और बाजार में अच्छा भाव पा सकें।
1. मूंग की खेती – सबसे बेहतरीन और आसान विकल्प
गेहूँ कटाई के बाद खाली खेत में ग्रीष्मकालीन मूंग सबसे लोकप्रिय और लाभदायक फसल है। यह मात्र 60-70 दिनों में तैयार हो जाती है, यानी अप्रैल-मई में बोई और जून-जुलाई में कटाई।
मुख्य फायदे:
- मूंग दाल की मांग हमेशा रहती है। सरकारी भाव ₹7500 प्रति क्विंटल तक मिल सकता है।
- यह लेग्यूम फसल है, जो मिट्टी में नाइट्रोजन फिक्स करती है। अगली फसल के लिए खेत खुद-ब-खुद उपजाऊ बन जाता है।
- पानी की जरूरत कम – 3-4 सिंचाई पर्याप्त।
- एक एकड़ से औसतन 8-10 क्विंटल पैदावार आसानी से मिल सकती है।
बुवाई का आसान तरीका:
- खेत की अच्छी जुताई और रोटावेटर से मिट्टी भुरभुरा करें।
- 20-25 किलो बीज प्रति एकड़ काफी है।
- 30-45 सेमी की दूरी पर पंक्तियों में बोएं।
- 2-3 पत्तियों के बाद पहली निराई-गुड़ाई करें।
अगर आप उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान या महाराष्ट्र के किसान हैं, तो RMG-131, RMG-268 या SML-668 जैसी उन्नत किस्में चुनें। कीट-रोग कम लगते हैं और पैदावार ज्यादा।
2. बाजरा (बाजरी) – सूखे इलाकों के लिए आदर्श
जिन इलाकों में पानी की कमी है, वहां बाजरा अच्छा विकल्प है। यह 80-90 दिनों में तैयार होता है और गर्मी सहन करने में माहिर है।
फायदे:
- बाजरा की मांग स्वास्थ्यवर्धक अनाज के रूप में बढ़ रही है।
- मिट्टी को ढीला रखता है और कम खर्च में अच्छी कमाई।
- एक एकड़ से 10-12 क्विंटल तक उपज संभव।
टिप: हाइब्रिड किस्में जैसे HHB-67 या ICMH-451 चुनें। बुवाई के बाद हल्की सिंचाई करें और खरपतवार नियंत्रण पर ध्यान दें।
3. कपास की खेती – लंबे समय की कमाई
कपास थोड़ी ज्यादा देखभाल मांगती है, लेकिन गेहूँ कटाई के बाद खाली खेत में यह भी अच्छा प्रदर्शन करती है। 120-150 दिनों में तैयार होती है।
ध्यान रखें:
- बीमारियों से बचाव के लिए Bt हाइब्रिड किस्में (जैसे RCH-2, MRC-7918) लगाएं।
- अच्छा ड्रेनेज वाला खेत चुनें।
- नियमित कीट निगरानी जरूरी है।
कपास का भाव अच्छा रहता है और एक एकड़ से 10-15 क्विंटल तक उपज मिल सकती है।
अतिरिक्त टिप्स: सफलता के लिए 5 जरूरी बातें
- खेत तैयार करना: कटाई के बाद तुरंत हल चलाएं और गोबर की खाद मिलाएं।
- बीज का चुनाव: हमेशा प्रमाणित और उन्नत बीज लें।
- सिंचाई: ड्रिप या स्प्रिंकलर का इस्तेमाल करें – पानी बचता है और पैदावार बढ़ती है।
- बाजार की जानकारी: कटाई से पहले मंडी भाव चेक करें। सरकारी योजनाओं (PM-KISAN, फसल बीमा) का लाभ लें।
- मिट्टी परीक्षण: सोईल टेस्ट करवाकर जरूरी पोषक तत्व डालें।
अंत में…
गेहूँ कटाई के बाद खाली खेत को खाली न छोड़ें। मूंग, बाजरा या कपास जैसी फसलों से न सिर्फ कम समय में लाखों की कमाई संभव है, बल्कि आपकी मिट्टी भी स्वस्थ रहेगी। आज ही अपने खेत का आकलन करें और सही फसल चुनें।