Chalan court me chunotiयह आर्टिकल नए ट्रैफिक चालान नियमों के बारे में है, जिनमें केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा मोटर वाहन नियमों में संशोधन किया गया है। मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- चालान अब इलेक्ट्रॉनिक या मैनुअल दोनों तरीकों से जारी किए जा सकते हैं।
- वाहन मालिक को एसएमएस/ईमेल के जरिए 3 दिनों के अंदर सूचना दी जाएगी, या दस्तावेज 15 दिनों में भेजे जाएंगे।
- आपत्ति दर्ज करने की समय सीमा 90 दिनों से घटाकर 45 दिन कर दी गई है।
- अगर आपत्ति खारिज हो जाती है, तो कोर्ट में चुनौती देने के लिए चालान राशि का 50% जमा करना अनिवार्य होगा।
- आपत्ति चालान आपत्ति निपटान पोर्टल पर दर्ज करनी होगी।
- चालान का भुगतान 30 दिनों के अंदर करना होगा; अगर 30 दिनों में निपटारा नहीं हुआ तो चालान अपने आप रद्द हो जाएगा।
- बकाया चालान होने पर ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल, वाहन फिटनेस, प्रदूषण जांच, परमिट और इंश्योरेंस में रुकावट आएगी।
- ऐसे वाहनों को पोर्टल पर “Not to be Transacted” मार्क किया जाएगा।
- उदाहरण: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक बस पर 67 चालान और आगरा एक्सप्रेसवे पर एक वाहन पर 81 चालान थे, जिससे जब्ती की कार्रवाई हो सकती है।
- नए नियम के तहत रूल 21 के अनुसार, एक साल में 5 चालान होने पर ड्राइविंग लाइसेंस 5 साल के लिए सस्पेंड हो सकता है (1 जनवरी 2026 से लागू, पुराने चालान जुर्माने में नहीं जोड़े जाएंगे)।
- ट्रांसपोर्ट विभाग NIC के साथ मिलकर इन नियमों को लागू करने की तैयारी में है।
एक आरटीओ अधिकारी के अनुसार, ये सख्त नियम ट्रैफिक नियमों का पालन बढ़ाने में मदद करेंगे।
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